132+ Best Mood Off Status in Hindi | मूड ऑफ शायरी स्टेटस {2026}

Best Mood Off Status in Hindi

मूड ऑफ है, बातें करने का मन नहीं 😞
जो अपना था, वही समझने वाला नहीं

कुबूल है मुझे सारी नजर अंदाजिया तेरी,
बस शर्त इतनी है की तेरे ❤️ इश्क में मिलावट ना हो

आपके तो बिखरे हुये सिर्फ बाल है
हमारी तो ज़िन्दगी का वो हाल है

हम बुरे हैं इसलिए जी रहे हैं
अच्छे होते तो दुनिया जीने
कहां देती

कितनी हिम्मत होगी उस में…
जो शख्स पंखे को वो बस देखता ही रहा

जिन जख्मो से खून नहीं निकलता,
समझ लेना वो जख्म 🗡️ अपने ने ही दिया है

मूड ऑफ शायरी स्टेटस 2026

बहुत अंदर तक तबाही मचाते है
वो आंसूं जो आँख से बह नहीं पाते है

के बडे महेंगे थे
अब सस्ते में नहीं आयेंगे
और जा,
आज के बाद तेरे
रस्ते में नहीं आयेंगे

वक़्त सब कुछ छीन लेता है
खैर मेरी तो सिर्फ मुस्कुराहट थी

ये रातें, सिसक कर रह जाती हैं
जब कुछ यादें टूटकर रुलाती हैं

अकेलेपन से अब शिकायत नहीं
लोग साथ होकर भी दूर लगते हैं

यह मूड भी ऐसे ऑफ़ होता है,
जैसे बिना बैटरी के मोबाइल 📱 स्विच ऑफ़ होता है

Mood Off Shayari In Hindi

सबको खुश रखते-रखते थक गया हूँ 😔
आज खुद से भी बात करने का मन नहीं

होती है परेशानियां कुछ और भी…
हर उदास शख्स का मसला इश्क नहीं होता

तुम्हारी तस्वीर से गिला हैं मुझे
ये मुझ से बात क्यों नहीं करती.

मूड ऑफ है, इसलिए खामोश हूँ 😔
वरना दर्द तो आज भी बहुत है

अब किससे कहें रिश्तों का दर्द अपना
सभी के पास तो मौजूद है मर्ज अपना

एक चाहत थी तेरे संग जीने की वरना,
मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी

बहुत अकेले होते है वो लोग जो
खुद ही रूठ कर खुद ही मान जाते है

मूड ऑफ़ शायरी हिंदी में

अकेले रहना अब बुरा नहीं लगता 😔
क्योंकि लोगों ने बहुत दर्द देना सिखा दिया

यह कलयुग है जनाब
यहां कसम खाने वाला नहीं
शराब पीने वाला सच बोलते हैं

न ख़ुशी खरीद पाता हूँ, न गम बेच पाता हूँ,
फिर भी न जाने क्यूँ हर रोज कमाने जाता हूँ

अकेले रहना सीख लिया है अब 😞
क्योंकि लोग साथ रहकर भी छोड़ जाते हैं

कातिलों से कातिल ही हारा है,
मारकर पूछा है इसे 👀 किसने मारा है

काश कोई हमसे भी कहता
“क्यों परेशान हो, मैं हूं ना तुम्हारे साथ”

गलत इंसान हूं मैं😑
अच्छे लोगों के बीच फस गया

Mood off Shayari 2 line

आने वाला कल अच्छा होगा
बस इसी सोच में आज बीत जाता है

मूड ऑफ है, शब्द भी साथ नहीं दे रहे
खामोशी ही अब हाल-ए-दिल कह रही

लोग हत्या होते देख लेते हैं,
प्रेम होते नहीं देख पाते

हम कुछ ऐसा कर बैठे अनजाने में,
फूलों का क़त्ल कर बैठे 🪨 पथ्थरो को मनाने में

हर बार इल्जाम हम पर ही लगाना ठीक नहीं,
वफ़ा खुद से नहीं होती और खफा हम पर होते हो

ना आंखों से छलकते है ना
कागज पर छपते हैं
कुछ दर्द ऐसे हैं जो अंदर ही
अंदर पनपते हैं

कभी-कभी हँसते हुए भी रोना आता है 😢
जब अपनों से ही दर्द मिल जाता है 💔

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