Famous Bhagavad Geeta Quotes in Hindi: The Shrimad Bhagavad Gita is an important scripture of Hinduism, consisting of 18 chapters and 700 verses. It is a collection of the dialogue that took place between Lord Shri Krishna and Arjuna on the battlefield of Kurukshetra. The main theme of the Bhagavad Gita is based on the principles of karma, dharma, knowledge, devotion, and more. It provides solutions to various questions related to human life. This scripture shows humans the path of devotion, teaching people to progress in life through love and surrender to God.
In today’s article, we have brought some of the finest thoughts spoken by Lord Shri Krishna in the Shrimad Bhagavad Gita, such as Karma Bhagavad Gita Quotes in Hindi, Bhagavad Gita quotes in Hindi for students, which will inspire you and help you move forward positively in your life.

Contents
- 1 Famous Bhagavad Geeta Quotes in Hindi
- 2 श्रीमद् भागवत गीता अनमोल सुविचार
- 3 Quotes From Bhagavad Gita in Hindi
- 4 Bhagavad gita quotes in hindi short
- 5 Karma Bhagavad Gita Quotes in Hindi
- 6 Heart touching Bhagavad Gita Quotes in hindi
- 7 Bhagavad gita quotes in hindi for students
- 8 भगवद गीता के अनमोल विचार
- 9 Geeta Thoughts in Hindi
- 10 Bhagavad Gita Quotes in Hindi and English
Famous Bhagavad Geeta Quotes in Hindi
याद रखना अगर बुरे लोग सिर्फ
समझाने से समझ जाते तो
बांसुरी बजाने वाला भी
कभी महाभारत होने नहीं देता।
यह सृष्टि कर्म क्षेत्र है,
बिना कर्म किये यहाँ कुछ भी हासिल नहीं हो सकता।
जो दान कर्तव्य समझकर, बिना किसी संकोच के,
किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दिया जाए, वह सात्विक माना जाता है।
गीता में कहा गया है
जो इंसान किसी की कमी को
पूरी करता है वो
सही अर्थों में महान होता है
मैं हर जीव के ह्रदय में परमात्मा स्वरुप स्थित हूँ
जैसे ही कोई किसी देवता की पूजा करने की इच्छा करता है,
मैं उसकी श्रद्धा को स्थिर करता हूँ,
जिससे वह उसी विशेष देवता की भक्ति कर सके।
श्रीमद् भागवत गीता अनमोल सुविचार

हे अर्जुन! परमेश्वर प्रत्येक जीव के हृदय में स्थित है।
हे अर्जुन! समय से पहले और भाग्य से
अधिक कभी किसी को कुछ नही मिलता है।
मन की शांति से बढ़कर इस
संसार में कोई भी संपत्ति नहीं है।
मन की गतिविधियों, होश, श्वास,
और भावनाओं के माध्यम से भगवान की शक्ति सदा तुम्हारे साथ है।
जो हुआ वह अच्छा हुआ,
जो हो रहा है वह अच्छा हो रहा है,
जो होगा वो भी अच्छा ही होगा।
Quotes From Bhagavad Gita in Hindi

अपने अनिवार्य कार्य करो,
क्योंकि वास्तव में कार्य करना निष्क्रियता से बेहतर है।
जो मनुष्य कर्म में अकर्म और अकर्म में कर्म देखता है,
वह सभी मनुष्यों में बुद्धिमान है और सब प्रकार के कर्मों में प्रवृत्त रहकर भी दिव्य स्थिति में रहता है।
हे अर्जुन! जो पुरुष सुख तथा दुख में विचलित नहीं होता
और इन दोनों में समभाव रहता है,
वह निश्चित रूप से मुक्ति के योग्य है।
सफलता जिस ताले में बंद रहती है वह दो चाबियों से खुलती है।
एक कठिन परिश्रम और दूसरा दृढ संकल्प ।
जो मन को नियंत्रित नहीं करते
उनके लिए वह शत्रु के
समान कार्य करता है।
मन अशांत है और उसे नियंत्रित करना कठिन है,
लेकिन अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता है।
Bhagavad gita quotes in hindi short

जो मुझे सब जगह देखता है और सब कुछ मुझमें देकता है
उसके लिए न तो मैं कभी अदृश्य होता हूँ और न वह मेरे लिए अदृश्य होता है।
हे अर्जुन! जो जीवन के मूल्य को जानता हो।
इससे उच्चलोक की नहीं अपितु अपयश प्राप्ति होती है।
अपने अपने कर्म के गुणों का पालन
करते हुए प्रत्येक व्यक्ति सिद्ध हो सकता है।
मैं भूतकाल,
वर्तमान और भविष्य काल के सभी जीवों को जानता हूं,
लेकिन वास्तविकता में मुझे कोई नही जानता है।
गीता में लिखा है
जब इंसान की जरूरत बदल जाती है
तब इंसान के बात करने का तरीका
बदल जाता है।
धरती पर जिस प्रकार मौसम में बदलाव आता है,
उसी प्रकार जीवन में भी सुख-दुख आता जाता रहता है।
Karma Bhagavad Gita Quotes in Hindi

मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है,
जैसा वह विश्वास करता है,
वैसा वह बन जाता है।
जिस प्रकार मनुष्य पुराने कपड़ो को त्याग कर नये कपड़े धारण करता है,
उसी प्रकार आत्मा पुराने तथा व्यर्थ के शरीरों को त्याग कर नया भौतिक शरीर धारण करता है।
सदैव संदेह करने वाले व्यक्ति के लिए
प्रसन्नता ना इस लोक में है
ना ही कहीं और।
हे अर्जुन! जो बहुत खाता है या कम खाता है,
जो ज्यादा सोता है या कम सोता है, वह कभी भी योगी नहीं बन सकता।
फल की अभिलाषा छोड़कर कर्म करने वाला
पुरुष ही अपने जीवन को सफल बनाता है।
जो महापुरुष मन की सब इच्छाओं को त्याग देता है और
अपने आप ही में प्रसन रहता है, उसको निश्छल बुद्धि कहते है।
Heart touching Bhagavad Gita Quotes in hindi
जो पुरुष सुख तथा दुख में विचलित नहीं होता
और इन दोनों में समभाव रहता है,
वह निश्चित रूप से मुक्ति के योग्य है।
गीता में कहा गया है कोई भी
अपने कर्म से भाग नहीं सकता
कर्म का फल तो भुगतना ही पड़ता है।
सच्चा धर्म यह है कि जिन बातों को
इंसान अपने लिए अच्छा नहीं समझता
उन्हें दूसरों के लिए भी प्रयोग ना करें
जो दान बिना सत्कार के कुपात्र को
दिया जाता है वह तमस दान कहलाता है।
जिस प्रकार अग्नि स्वर्ण को परखती है,
उसी प्रकार संकट वीर पुरुषों को।
प्रबुद्ध व्यक्ति के लिए, गंदगी का ढेर,
पत्थर और सोना सभी समान हैं।
सदैव संदेह करने वाले व्यक्ति के लिए
प्रसन्नता ना इस लोक में है ना ही कहीं और।
Bhagavad gita quotes in hindi for students
धरती पर जिस प्रकार मौसम में बदलाव आता है,
उसी प्रकार जीवन में भी सुख-दुख आता जाता रहता है।
किसी का अच्छा ना कर सको
तो बुरा भी मत करना
क्योंकि दुनिया कमजोर है
लेकिन दुनिया बनाने वाला नहीं
मेरा तेरा, छोटा बड़ा, अपना पराया,
मन से मिटा दो, फिर सब तुम्हारा है और तुम सबके हो।
जो विद्वान् होते है,
वो न तो जीवन के लिए और न ही मृत के लिए शोक करते है।
कर्म मुझे बांधता नहीं,
क्योंकि मुझे कर्म के प्रतिफल की कोई इच्छा नहीं।
जब तक शरीर है
तब तक कमजोरियां तो रहेगी ही
इसलिए कमजोरियों की चिंता छोड़ो
और जो सही कर्म है
उस पर अपना ध्यान लगाओ
जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके
लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है।
फल की लालसा छोड़कर कर्म करने वाला
पुरुष ही अपने जीवन को सफल बनाता है।
भगवद गीता के अनमोल विचार
लोग आपके अपमान के बारे में हमेशा बात करेंगे।
सम्मानित व्यक्ति के लिए, अपमान मृत्यु से भी बदतर है।
जीवन ना तो भविष्य में है ना अतीत में,
जीवन तो इस क्षण में है।
चुप रहने से बड़ा कोई जवाब नहीं और
माफ कर देने से बड़ी कोई सजा नहीं।
हे अर्जुन! तुम्हारे तथा मेरे अनेक जन्म हो चुके है।
मुझे तो वो सब जन्म याद है लेकिन तुम्हे नहीं।
बिना फल की कामनाएं
ही सच्चा कर्म है
ईश्वर चरण में हो समर्पण
वही केवल धर्म है।
Geeta Thoughts in Hindi
भविष्य का दूसरा नाम है संघर्ष।
आप ही अपना मित्र और आप भी अपना शत्रु है
क्युकी स्वयं का पतन
और उद्धार दोनों आप निर्धारित करते हैं
आत्म-ज्ञान की तलवार से अपने ह्रदय से अज्ञान के
संदेह को काटकर अलग कर दो। उठो, अनुशाषित रहो।
भगवद गीता के अनुसार नरक के तीन द्वार होते है,
वासना, क्रोध और लालच।
गीता के अनुसार
जिंदगी में हम कितने सही हैं
और कितने गलत हैं
यह केवल दो लोग जानते हैं
एक परमात्मा और दूसरी हमारी अंतरात्मा
ईश्वर, ब्राह्मणों, गुरु, माता-पिता जैसे गुरुजनों की पूजा करना तथा पवित्रता,
सरलता, ब्रह्मचर्य और अहिंसा ही शारीरिक तपस्या है।
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Bhagavad Gita Quotes in Hindi and English
धरती पर मनुष्य का जन्म किसी विशेष उद्देश्य के लिए होता है,
और जो उस कर्म से वंचित रहता है,उसे मोक्ष नहीं मिल पाता है |
Man is born on earth for a particular purpose,
and he who is deprived of that karma, does not get salvation.
आत्मा किसी काल में भी न जन्मता है और न मरता है
और न यह एक बार होकर फिर अभाव रूप होने वाला है,
आत्मा अजन्मा, नित्य, शाश्वत और पुरातन है,
शरीर के नाश होने पर भी इसका नाश नहीं होता।
The soul is never born,
it never dies having come into being once,
it never ceases to be.
Unborn, eternal, abiding and primeval,
it is not slain when the body is slain.
सदैव संदेह करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता ना इस लोक में है ना ही कहीं और.
Neither in this world nor elsewhere is there any happiness in store for him who always doubts.
ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखता है, वही सही मायने में देखता है.
The wise sees knowledge and action as one, they see truly.
नरक के तीन द्वार होते है, वासना, क्रोध और लालच।
Hell has three gates, lust, anger and greed.
मनुष्य के दुख का कारण उसका प्रेम ही है,
वह जितना अधिक मोह करेगा उतना ही अधिक कष्ट भी भोगेगा
The reason for man’s sorrow is his love,
the more he will be tempted, the more will he suffer.
अपने मन को नियंत्रित करना सीखो,
नहीं तो यह आपके साथ शत्रुवत आचरण करेगा |
Learn to control your mind,
otherwise it will be hostile to you.
मनुष्य को केवल अपने कर्म पर ही विश्वास करना चाहिए,
कर्म श्रेष्ठ होगा तो फल भी वैसा प्राप्त होगा |
A man should only believe in his karma,
if the karma is superior then the fruit will be the same.
स्वर्ग प्राप्त करने और वहां कई वर्षों तक वास करने के पश्चात
एक असफल योगी का पुन: एक पवित्र और समृद्ध कुटुंब में जन्म होता है |
After attaining heaven and residing there for many years,
a failed yogi is born again in a holy and prosperous family.
हर व्यक्ति का विश्वास उसकी प्रकृति के अनुसार होता है।
The faith of each is in accordance with one’s own nature.
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